Thursday, July 7, 2011

माँ-बाप का आदर क्यों करना चहिये ????


स्वामी विवेकानंद बेठे थे ...



एक लड़का आया....बोला माँ-बाप का आदर क्यों करना चहिये ????

स्वामी विवेकानंद बोले एक डेड किलो का पत्थर लेके आ ....



वो लड़का पत्थर लेके आया.......

स्वामी विवेकानंद जी ने वो पत्थर उस लड़के के पेट पे बाँध दिया ...और कहा १० घंटे बाद आना

मैं तुम्हारे प्रशन का जवाब दूंगा .....



अब वो लड़का १ घंटा भी नही रुक पाया ....परेशान परेशान हो गया...

वो लड़का वापिस स्वामी जी के पास आया और बोला मुझसे नही राह जाता ये पत्थर खोलो मुझे तकलीफ हो रही है ...

स्वामी जी ने खुलवा दिया पत्थर....



फिर लड़का बोला मेरे सवाल का जवाब दो.....

तब स्वामी जी बोले ...यही तो जवाब था....

जब तू १ घंटा भी डेड किलो के पत्थर को नही सँभाल सकता तो सोच माँ ने केसे तुझे ९ महीने पेट में रखा होगा ...

तुम तो १ घंटा भी पत्थर नही रख सके ...

सोचो उसका क्या हाल हुआ होगा .....

जिस माँ ने तुम्हे ९ महीने इतनी तकलीफ से संभाला ....

उस माँ का आदर नही करोगे तो क्या किसी हिरोइन का आदर करोगे ...
http://www.youtube.com/watch?v=nTQmzzeNhJY

Wednesday, July 6, 2011

जिसके सर ऊपर तू बापू

जिसके सर ऊपर तू बापू..वो दुख कैसा पावे,
मेरा दाता है तू, मेरा स्वामी है तू
मेरा साहारा है तू, मेरा किनारा है तू
मेरे सुख में है तू, मेरे दुःख में है तू
मेरी आँखों में तू, मेरी नीदों में तू
मेरे दिल में है तू, मेरी धरकन भी तू
मेरे ख्यालो में तू, मेरी सासों में तू
जिसके सर ऊपर तू बापू..वो दुख कैसा पावे......
जिसके सर ऊपर तू बापू..वो दुख कैसा पावे,
मेरा दाता है तू, मेरा स्वामी है तू
मेरा साहारा है तू, मेरा किनारा है तू
मेरे सुख में है तू, मेरे दुःख में है तू
मेरी आँखों में तू, मेरी नीदों में तू
मेरे दिल में है तू, मेरी धरकन भी तू
मेरे ख्यालो में तू, मेरी सासों में तू
जिसके सर ऊपर तू बापू..वो दुख कैसा पावे......

guru

Guru is my worship and Guru is my Lord.

Guru is my Lord Almighty and Guru is my Supreme Master.

Guru is my imperceptible and inaccessible all Luminous Lord.

All serve and worship my Guru's holy feet.

Without Guru I have no other abode.

Day and night I worship Guru's Name.

Guru is my worship and Guru is my Lord.

Guru is my Lord Almighty and Guru is my Supreme Master

जय साईंआसाराम

तीन अक्षर का तेरा नाम, सब बोलो जय जी साईंआसाराम
जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम
जय साईंराम जय साईंराम जयसाईं राम |
तीन अक्षर मै मेरा प्यार
सब बोलो जय साईंआसाराम, जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम
जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम |
तीन अक्षर को करू प्रणाम
सब बोलो जय साईंआसाराम, जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम
जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम |
तीन अक्षर मै मेरा धयान
सब बोलो जय साईंआसाराम,जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम
जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम जय साईंआसाराम |

THE POWER OF PRAYER

It is in prayer that we thank you
For the blessings that you give
And with praise that we worship you
For you give us hope to live
It is in prayer that we call upon you
For all your help we ask
To strengthen and to guide us
For troubled times to pass
And in those times of our most need
When we forget how to pray
That's when we know your love for us
Forevermore will stay
Because in prayer you give us wings
And teach us how to fly
Should we happen to forget
How to reach you in the sky

Tuesday, July 5, 2011

इश्क़ ही बापू

कहते है लोग, ये इश्क़ आग का दरिया होता है!
कैसे कहें हम, कि इश्क़ ही बापू  के दिल तक पहुँचने का ज़रिया होता है!
कहते है लोग, ये इश्क़ समंदर से भी गहरा होता है!
कैसे बताए, कि इश्क़ में, हर पल एक नया सवेरा होता है!
कहते है लोग कि इश्क़ में, कदम कदम पर संभालना होता है!
कैसे बताए, कि इश्क़ में, बापू के साथ मिलकर एक राह पर चलना होता है!
कहते है लोग, कि इश्क़ में, माँगनी होती एक मन्नत है!
कैसे समझाऊ, कि बापू  से इश्क़ करना,
बन गई है मेरे लिए एक जन्नत
कहते है लोग, ये इश्क़ किसी और की अमानत होती है!
कैसे कहे सबसे, कि मेरे लिये ये इश्क़,
बापू  की दी हुई एक नेमत है!